पीएनबी के तीन बड़े अफसरों को चार्जशीट

 
New Doc 2019-04-14 14.04.01
खरीददारी में किया था बड़ा गोलमाल

हम लगातार सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में फैले भ्रष्टाचार को सर्वजनिक करने का काम कर रहे हैं। आप सभी का भरपूर सहयोग और समर्थन हमें मिल रहा है आभार। हमने पिछले अंकों में पंजाब नैशनल बैंक द्वारा स्पॉन्सर्ड सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में तमाम नियमों व कायदों को ताक पर रखकर खरीदारी करने का मामला प्रमुखता से उठाया था। हमने बताया था कि केंद्रीय सतर्कता आयोग की गाइडलाइंस का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन किया जा रहा है और इसके माध्यम से बैंक के बड़े अफसर बड़ा गोलमाल करने में जुटे हैं। हमारी इस खबर के बाद पीएनबी के सीवीओ सतीश नागपाल ने इस मामले की जांच कराई जिसमें तीन अधिकारी महाप्रबंधक फकीर चंद सिंघल व महाप्रबंधक वीरेंद्र कुमार सिंह व एक अन्य को चार्ज शीट किया गया है।

 

सीवीसी की गाइडलाइंस का उल्लंघन

हालांकि यहां भी पीएनबी के बड़े अफसर अपने अधिकारियों का बचाव करते नजर आए। जो जांच वर्ष 2013 से होनी निश्चित हुई थी उसे सिर्फ पिछले एक साल में सिमेट दिया गया। इस दौरान करोड़ों रुपये की खरीद बैंक ने की। जिसके लिए तमाम निर्देशों को ताकपर रख दिया गया। वित्तिय अनियमितता होने के बावजूद, सीवीसी की गाइडलाइंस का उल्लंघन होने के बावजूद इन तीनों अधिकारियों को नॉन विजिलेंस श्रेणी में चार्जशीट किया गया है और मामूली धाराओं के तहत सजा दी गई और मजेदार बात यह है कि ऐसे गंभीर भ्रष्टाचार के मामले के बावजूद एक अधिकारी को प्रमोशन भी दे दी गई। जबकि आरोप बेहद संगीन हैं।

ग्रामीण बैंक में बैंक के छोटे कर्मचारियों को बेहद मामूली गलतियों पर बड़ी सजाएं दे दी जाती हैँ। मसलन लोन प्रोसेस ना करना, बैलेंस कन्फर्मेंशन ना लेना आदि में मेजर ( विजिलेंस) चार्जशीट दी जाती है। और किसी न किसी तरह उन्हें फंसाने का काम किया जाता है। इसमें बड़ी बड़ी सजाएं दी जाती हैं मसलन रिवर्ट कर देना, बैंक से बाहर कर देना, बीस-बीस इन्क्रीमेंट रोक देना। सीवीओ पीएनबी इन चीजों की अनदेखी कर रहे हैं और पीएनबी मैनेजमेंट भी। यह जांच भी सिर्फ खाना पूर्ति है। क्योंकि हमारी मांग वर्ष 2013 से जांच कराए जाने की थी। अब हुई जांच सिर्फ दिखावे के लिए की गई है। इससे लगता है कि पीएनबी के भी कई बड़े अधिकारी मामले में फंसे हैं और वे इन्हें बचा रहे हैं।

मुकेश जोशी

चीफ कॉर्डिनेटर

सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स ऑर्गनाइजेशन और गुडग़ांव ग्रामीण बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन

Post Author: VOF Media

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