कुछ समय तक रिक्शा चलाने के बाद यूसुफ क्रिकेट में लौट आए

पहले उनका नाम यूसुफ योहाना था
1974 में जन्मे यूसुफ के पिता कभी रेलवे स्टेशन पर काम करते थे। उनकी फैमिली पास ही की रेलवे कॉलोनी में रहती थी। बचपन में यूसुफ एक बैट तक नहीं खरीद सकते थे। इसलिए वो अपने भाई के साथ लकड़ी के पट्टे से टेनिस बॉल से क्रिकेट खेला करते थे। 12 साल की उम्र तक उन्होंने कभी प्रोफेशनल क्रिकेट खेलने के बारे में नहीं सोचा था, लेकिन उनके बेहतरीन शॉट्स ने कई लोगों को इम्प्रेस कर दिया। घर चलाने के लिए वो कम उम्र में ही एक टेलर की दुकान पर काम करने लगे। इसके साथ ही वो स्लम एरिया में क्रिकेट खेला करते थे। 1990 में लाहौर के पास एक लोकल मैच खेलते हुए उन्हें एक क्लब के लिए क्रिकेट खेलने का ऑफर मिला, क्योंकि उस क्लब के पास पूरे खिलाड़ी नहीं थे। 20 साल की उम्र तक यूसुफ क्रिकेट खेलते रहे, लेकिन अचानक 1994 में उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली और बहावलपुर में रिक्शा चलाने लगे।
 चार साल बाद किया डेब्यू  

कुछ समय तक रिक्शा चलाने के बाद यूसुफ क्रिकेट में लौट आए और 1998 में पाकिस्तान के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया।साउथ अफ्रीका के खिलाफ उनका डेब्यू टेस्ट कुछ खास नहीं रहा। वो इस मैच में सिर्फ 5 और 1 रन की इनिंग खेल सके।हालांकि अगले 6 टेस्ट में यूसुफ ने 44 के एवरेज से 442 रन बनाकर खुद को साबित किया और टीम में परमानेंट जगह बनाई।

Post Author: Veethika Bhardwaj

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