बैंक के अफसरों ने कर डाला , सोलर लाइट महाघोटाला

चंडीगढ़। सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के अधिकारियों ने एक सोलरलाइट महा घोटाला कर डाला है। करोड़ों रुपये ़ के इस घोटाले की पीएनबी और हरियाणा मुख्यमंत्री उडऩदस्ते दोनों ने जांच की। जांच का नतीजा वही ढाक के तीन पात।

हरियाणा सरकार की योजना प्रदेश में सोलरलाइट को बढ़ावा देेने की थी। इसके लिए प्रोत्साहन स्वरूप सबसीडी के माध्यम से 10,630 रुपये की खरीद कर लगभग 4000 रुपये की बेच रहे थे। उसको बेचने के लिए भी उन्हें बहुत प्रयास करना पड़ रहा था। सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के तत्कालीन चेयरमैन प्रवीण जैन ने ऐसा जादू चलाया कि प्राइवेट कंपनियों की मिली भगत से करोड़ों रुपये की लाइट प्राइवेट कंपनियों की बेच दी। इस लाइट की कीमत लगभग 15 हजार रुपये थी। बिना सबसीडी के यह लाइट किसानों व कर्ज लेने आने वाले सभी लोगों को जबर्दस्ती सोलर लाइट का लोन देकर बेच दी गई। किसानों को इसकी जरूरत तो थी नहीं ना ही उनकी कोई इच्छा थी। सरकार द्वारा यही लाइट 4000 रुपये में उन्हें उपलब्ध थी। लेकिन उनकी मजबूरी यह थी कि उनको लोन चाहिए था। इसलिए यह लाइट लेनी पड़ी।

         
कर्जदारों से पैसा वापस नहीं आया

प्राइवेट कंपनियों बैंक से अपना भुगतान ले गईं और बैंक को किसानों व अन्य कर्जदारों से पैसा वापस नहीं आया। जिसका लगभग 14 करोड़ रुपया अभी बैंक का डूबा हुआ है। इस मामले की पीएनबी और सीएम फ्लाइंग ने जांच की। बैंक ने तो अपनी जांच लीपापोती कर बंद कर दी जबकि फ्लाइंग ने अपनी जांच में संबंधित रेकार्ड कब्जे में लिया। जब इन्क्वारी हुई तो चेयरमैन प्रवीण जैन ने अपने खास मैनेजरों को बुला कर अपने फेवर में बयान करवा दिए जबकि जांच एजेंसी को कर्जधारकों से यह बयान लेेने चाहिए थे। अगर ऐसा होता तो सच्चाई सामने आती।

सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स आर्गनाइजेशन और गुडग़ांव ग्रामीण बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन के चीफ कॉर्डिनेटर श्री मुकेश जोशी का आरोप है कि हरियाणा सरकार लगभग 4000 रुपये में यह लाइट बेच रही थी तो 15000 रुपये की लाइटें बैंक प्रबंधकों ने कैसे बेच डालीं। बैंक प्रबंधन का इसमें क्या लालच था। दरअसल यह लाइटें किसानों व छोटे व्यापारियों को गुमराह करके बेची गईं। इस पूरे मामले की जांच किसी सक्षम अधिकारी से कराई जाए जो कर्जदारों से बातचीत के आधार पर यह निष्कर्ष निकाल सके कि वाकई ये लाइटें किसानों ने खुद से खरीदीं या उन्हें चेपी गईं।

Post Author: VOF Media

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