सरकार ने 300 से अधिक दवाओं पर लगाया प्रतिबंध

 6 हजार से अधिक ब्रांड पर पड़ेगा असर

अब केंद्र सरकार ने मेडिकल स्टोर पर सिरदर्द, जुकाम, दस्त, पेट दर्द जैसी 300 से अधिक दवाओं पर रोक लगा दी है। इन दवाओं पर कई ऐसी दवाएं हैं, जिनका नाम प्रत्येक व्यक्ति को पता है। यह दवाएं डॉक्टर के पर्चे के बिना मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाती है। इन दवाओं का कारोबार करीब 4 हजार करोड़ रुपये का है। यह दवाएं फिक्सड डोज कॉम्बिनेशन (एफडीसी) हैं, हालांकि यह प्रतिबंध 2 साल पहले लगाए गए थे जिसके खिलाफ कंपनियां कोर्ट चली गई थीं।

इससे पहले, केंद्र सरकार ने 2016 के मार्च में औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 26ए के तहत मानव उपयोग के उद्देश्य से 344 एफडीसी के उत्पादन, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगाया था. इसके बाद सरकार ने समान प्रावधानों के तहत 344 एफडीसी के अलावा 5 और एफडीसी को प्रतिबंधित कर दिया था।

लिस्ट में शामिल हैं 343 दवाएं

इन दवाओं की प्रसिद्धि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोग घरों में यह दवाएं हमेशा से रखते आ रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये लोगों को बहुत ही कम मूल्य पर मिलती हैं और थोड़ी सी परेशानी होते  ही वे इनका सेवन करते हैं। देश में इन दवाओं के करीब 6 हजार से अधिक ब्रांड हैं, जिनमें से सेरिडॉन, डीकोल्ड, फेंसिडिल, जिंटाप काफी प्रसिद्ध हैं। इस कदम से सन फार्मा, सिप्ला, वॉकहार्ट और फाइजर जैसी कई फार्मा कंपनियों को तगड़ा झटका लगा है।

इस लिस्ट में 343 दवाएं शामिल हैं, जिनको एबॉट, पीरामल, मैक्लिऑड्स, सिप्ला और ल्यूपिन जैसी दवा निर्माता कंपनियां बनाती हैं। ड्रग टेक्नोलॉजी एडवाइजरी बोर्ड (डीएटीबी) ने मंत्रालय को इस तरह की सिफारिश दी है। डीएटीबी ने यह सिफारिशें सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल दिए गए आदेश पर दी हैं। अब सरकार ने इसे बैन करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

मेडिकल स्टोर पर बिक्री होगी गैरकानूनी

इन 343 दवाओं पर प्रतिबंध लगाने के बाद मेडिकल स्टोर पर इनकी बिक्री गैरकानूनी होगी। अगर किसी मेडिकल स्टोर पर यह दवाएं बिक्री होते हुए पाएं गई तो फिर दवा निरीक्षक अपनी तरफ से उक्त मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा सकता है। इस बैन से 3-4 हजार करोड़ रुपये के दवा कारोबार पर असर पड़ेगा।

ज्ञात हो कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर डीटीएबी ने 328 दवाओं की जांच की थी उसके बाद ही ये फैसला लिया गया है।  इस बैन का असर सैरिडॉन, एस-प्रॉक्सिवोन, निमिलाइड फेन, जिंटैप पी, एमक्लॉक्स, लिनॉक्स एक्स टी और जैथरिन ए एक्स जैसी दवाओं पर पड़ेगा।

Post Author: VOF Media

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