अमेरिका ने चीन को दी पटखनी, बनाया दुनिया का सबसे तेज कम्प्यूटर

अमेरिका ने चीन को पटखनी देते हुए दुनिया का सबसे तेज कम्प्यूटर बना लिया है।

नई दिल्ली: अमेरिका ने चीन को पटखनी देते हुए एक बार फिर दुनिया के सबसे तेज कम्प्यूटर का ताज अपने नाम कर लिया है। शुक्रवार को अमेरिका के ऊर्जा विभाग ORNL ने नए अमेरिकी सुपर कम्प्यूटर ‘Summit’ से पर्दा उठाया है। ये कम्प्यूटर 200 पेटाफ्लॉप की पीक परफॉर्मेंश और लगभग 200 क्वॉड्रिलियन गणनाएं प्रति सेकेंड कर सकता है। इस अमेरिकी कम्प्यूटर ने चीन के सुपर कम्प्यूटर सनवे तायहूलाइट का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अमेरिकी सुपर कम्प्यूटर चीन के सुपर कम्प्यूटर के मुकाबले लगभग 30 फीसदी तेज है, जो लगभग 93 पेटाफ्लोप की अधिकतम परफॉर्मेंश देता है।

इस सुपर कम्प्यूटर को अमेरिकी कई सालो से विकसित कर रहे थे। इसके निर्माण में हजारों चीप का इस्तेमाल किया गया है। कम्प्यूटर में 6  Nvidia Tesla V100 जीपीयू और दो  22-core IBM Power 9 चीप का इस्तेमाल किया गया है। इसमें 4,608 सर्वर लगे हुए हैं।

ये कम्प्यूटर इतना बड़ा है कि इसे रखने के लिए लगभग दो टेनिस कोर्ट की जगह लगती है। ‘Summit’ की कमर्शियल एयरक्राफ्ट के कहीं ज्यादा भारी है और आपके नॉर्मल लैपटॉप की तुलना में इसकी स्पीड कई लाख गुना ज्यादा है। इस कम्प्यूटर को ठंडा रखने के लिए हर मिनट 4 हजार गैलन पानी का इस्तेमाल होता है।

आईबीएम के मुताबिक ‘Summit’ दुनिया का सबसे ताकतवर और स्मार्ट साइंटिफिक कम्प्यूटर है। ऊर्जा विभाग का कहना है कि साल 1993 के बाद अमेरिकी सुपर कम्प्यूटर की क्षमता 3 लाख गुना बढ़ गई है। इस कम्प्यूटर का इस्तेमाल रिसर्चर और सरकार मशिन लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए करेंगे। ‘Summit’ का इस्तेमाल कई वैज्ञानिक प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में भी किया जाएगा। इसे कैंसर और मानव प्रोटिन संबंधी विषयों के अध्ययन में इस्तेमाल किया जाएगा।

Post Author: VOF Media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *