फेसबुक की सीक्रेट डील, कंपनियों को दिया था यूजर्स के डेटा का स्पेशल एक्सेस

एक नई रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने यूजर्स के डेटा का स्पेशल एक्सेस कुछ कंपनियों को मुहैया कराया था।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया दिग्गज कंपनी फेसबुक की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यूजर्स के डेटा प्राइवेसी को लेकर कंपनी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक ने कुछ कंपनियों के साथ सीक्रेट डील थी, जिसके तहत फेसबुक ने उन कंपनियों को यूजर्स के डेटा का स्पेशल एक्सेस दिया था। शुक्रवार को आई  एक रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक ने यूजर्स के डेटा शेयरिंग को लेकर स्पेशल डील की थी। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक ने कुछ कंपनियों के साथ समझौता किया है, जिन्हें whitelists नाम से जाना जाता है।

फेसबुक इन कंपनियों को यूजर्स के फेसबुक डेटा प्रदान करती है। इस डेटा में यूजर्स के फेसबुक फ्रेंड्स, मोबाइल नंबर आदि की जानकारी होती है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक इन कंपनियों के पास फ्रेंड लिंक के माध्यम से यूजर्स और उनके नेटवर्क में मौजूद लोग कितने करीबी हैं इसका पता लगाने का भी तरीका था।

फेसबुक की व्हाइटलिस्ट में निसान और रॉयल बैंक ऑफ कनाडा जैसी बड़ी कंपनियां

रिपोर्ट के मुताबिक फेसबुक की व्हाइटलिस्ट में निसान और रॉयल बैंक ऑफ कनाडा जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के विज्ञापन को भी फेसबुक पर देखा गया है। गौरतलब है कि हाल में ही फेसबुक ने माना था कि उसने कुछ कंपनियों के साथ यूजर्स का डेटा शेयर किया है।

चीनी स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों से फेसबुक द्वारा शेयर किए गए यूजर्स के डेटा पर भारत सरकार ने कंपनी से जवाब मांगा है। फेसबुक ने खुद स्वीकार किया है कि उसने यूजर्स के डेटा को चीनी कंपनी हुवावे, लेनोवो, ओप्पो और टीसीएल के साथ साझा किया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि फेसबुक ने 60 डिवाइस निर्माता कंपनियों को यूजर्स का डेटा मुहैया कराया है। फेसबुक ने कहा था कि इनमें से ज्यादातर कंपनियों से साथ करार 2015 में खत्म हो गया था, जबकि कुछ कंपनियों ने इस करार को कुछ समय के लिए आगे बढ़ाने की बात कही थी।

Post Author: VOF Media

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