बैंक अधिकारियों की मदद से कैसे बनते हैं नीरव मोदी और माल्या

सर्व हरियणा ग्रामीण बैंक को  लूटते पीएनबी के भ्रष्ट अधिकारी
मर्डर एक बैंक का-13

सौरभ भारद्वाज

बैंकों में चल रहे गोरखधंधे के कारण देश के करदाता का पैसा उनकी माली हालत सुधारने के लिए खर्च हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए देश भर में कुछ ग्रामीण बैंक गठित किए गए थे। जिनके प्रबंधन का काम देश के कुछ बड़े बैंकों को सौंपा गया था। ऐसा ही एक बैंक है सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक जिसका प्रबंधन पंजाब नैशनल बैंक संभाल रहा है। इस बैंक के भीतर चल रहे गोरखधंधे के बारे में हम आपको लगातार सूचित करते रहे हैं।

आज चर्चा करते हैं 1.58 करोड़ रुपये के एक लोन की जो सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक की बादशाह पुर शाखा से कराया गया है। मजेदार यह है कि लोन देने के तमाम नियम कायदों को इस मामले में दरकिनार कर दिया गया है। बैंक की ओर से तमाम शाखााओं को 6 सिंतबर 2016 को जारी किए गए एक परिपत्र संख्या61/2016 में यह स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि घर बनाने के लिए बैंक अधिकतम50 लाख रुपये तक जमीन खरीदने के लिए लोन दे सकता है। इससे ज्यादा अगर लोन देना है तो भी जमीन खरीदने के लिए यह सीमा सिर्फ 75 लाख रुपये हो सकती है वह भी बैंक के चेयरमैन की संस्तुति पर। बैंक की ओर से ये गाइडलाइन डिफाल्टरों के लगातार देश छोड़कर भागने के कारण बैंकों को हुए मोटे नुकसान के मद्देनजर जारी की गई थीं।

                                 

सेंक्शन  किया 1.58 करोड़ रुपये का एक लोन

बैंक की बादशाहपुर शाखा ने संजू पुत्र बलराज एवं बलराज पुत्र बुद्धन निवासी भड़ाना निवास, निकट मारुति कुंज नया गांव गुरुग्राम को 1.58 करोड़ रुपये का एक लोन सेंक्शन किया है। जिसमें 108 करोड़ सिर्फ जमीन खरीदने के लिए पार्टी को दिए गए थे। जबकि इसकी कोई जानकारी चेयरमैन को नहीं थी। जब इस मामले का भंडा फूटा तो महाप्रबंधक लोन बी के सिंह ने रोहतक ने क्षेत्रिय प्रबंधक गुरुग्राम एस.एन.शर्मा से इस मामले की रिपोर्ट मांगी। शर्मा ने चेयरमैन को लिखे अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि मैंने यह लोन महाप्रबंधक (एचआरडी) और चीफ मैनेजर लोन के फोन पर मिले आदेशों के अनुसार किया है।

महाप्रबंधक (एचआरडी) के पद पर राजेश गोयल और चीफ मैनेजर लोन अनिल जैन नियुक्त हैं। महाप्रबंधक (एचआरडी) राजेश गोयल वही शख्स हैं जिन्होंने शीतला माता मंदिर ब्रांच में ऐसे ही अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर तत्कालीन चेयरमैन डॉ.एम.पी.सिंह और लोन महाप्रबंधक बीके सिंह के साथ मिलकर 10 करोड़ रुपया का लोन तमाम अनियमितताओं के बावजूद किया था। उस लोन में भी 17 ऑब्जेक्शन आरओ गुरुग्राम ने लगाए थे । यह ऑब्जेक्शन लैटर 29 नवंबर 2017 को लिखा गया था।

 

 देश में हुए हैं तमाम घोटाले

मामले को हमने पहले भी प्रकाशित किया था, लेकिन इस मामले की सभी जांच राजेश गोयल के मातहत ही हो रही हैं। जो कि इंस्पेक्शन एवं ऑडिट डिविजन का भी महाप्रबंधक है और अपने व अपने मिलने वालों से संबंधित हर जांच को ठप कर रहा है। कई मामलों में तो सीवीसी और पीएनबी व अन्य डिपार्टमेंट भी जो जानकारियां मांग रहे हैं वह भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही ।

तमाम खामियों के बावजूद लोन सेंक्शन करने के कारण ही देश में तमाम घोटाले हुए हैं। जिसके बाद बहुत से उद्यमी बैंकों का पैसा लेकर देश से फरार हो गए हैं। लेकिन ऐसे अधिकारियाों के कारण ही सरकारी बैंकों में घाटा हो रहा है और इसकी भरपाई भारत सरकार को करदाताओं के खून पसीने के पैसे से करनी पड़ रही है। इन मामलों में हमने चेयरमैन ए.के.नंदा से बात करनी चाही लेकिन श्री नंदा इस सिलसिले में कोई बात नहीं करना चाहते

Post Author: VOF Media

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