चौटाला बनाम करण : किस्सा जूते और गोली का

जो उनके लिए जूते निकालेंगे, उन्हें वो माला तो नहीं पहनायेंगे: दलाल

हरियाणा ने कुरुक्षेत्र में धर्म की लड़ाई देखी है, मगर विधानसभा में आजकल सियासी जूतम-पैजार की भिड़ाई देख रही है। इस भिड़ंत में चौटाला घराने की तीसरी पीढ़ी के नेता अभय चौटाला और पलवल से कांग्रेस के विधायक करण सिंह दलाल आमने-सामने हैं। करण सिंह दलाल ने मंगलवार को विधानसभा में आम जनता के मुद्दों को उठाते हुए 25 लाख लोगों को राशन कार्ड नहीं मिलने पर अपनी नाराज़गी और क्षोभ जताया और कहा कि यह हरियाणा जैसे समृद्ध राज्य के लिए यह कलंक की बात है। इस बयान पर अभय चौटाला भड़क गये और उन्होंने करण सिंह दलाल के इस बयान को ही हरियाणा के लिए कलंक बता दिया। फिर दोनों तरफ़ से पहले बयानों की गर्मा-गर्मी हुई और बात आख़िरकार जूते निकालने तक आ गयी।

चौटाला ने आरोप लगाया कि करण सिंह दलाल ने उनके पिता ओमप्रकाश चौटाला और दिवंगत पूर्व उप-प्रधानमंत्री और उनके दादा देवीलाल के लिए भी अपशब्द कहे। दलाल इस आरोप से इन्कार करते रहे। विधानसभा अध्यक्ष कृष्णपाल गुर्जर ने भी करण सिंह दलाल से सहमति जताते हुए कहा कि उन्होंने पूर्व उप-प्रधानमंत्री देवीलाल के लिए किसी तरह के अपशब्द कहते-सुनते नहीं पाया। जूते निकालने के सवाल पर पत्रकारों को जवाब देते हुए करण सिंह दलाल ने कहा कि जो उनके लिए जूते निकालेंगे, उन्हें वो माला तो नहीं पहनायेंगे।

अभय सिंह चौटाला ने दी है गोली मार देने की धमकी 

इस जूता-जूती के बीच गोली-बारूद की धमक भी सुनायी पड़ने लगी। करण सिंह दलाल का आरोप है कि अभय सिंह चौटाला ने उन्हें गोली मार देने की धमकी दी है। उन्होने कहा कि सर में गोली मारना अभय सिंह चौटाला का पुराना शौक है। इसके पक्ष में दलील देते हए उन्होंने कहा कि अभय सिंह चौटाला की पहली पत्नी सुप्रिया की मौत भी सिर में गोली लगने से ही हुई थी और मेहम कांड में मारे गये चौधरी अमीर सिंह की हत्या भी सिर में गोली मारकर ही की गयी थी।

कांग्रेस विधायक दलाल ने अभय चौटाले की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए इन दोनों मामलों की सीबीआई से जांच फिर से कराये जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अभय चौटाला उन्हें सुप्रिया या चौधरी अमीर सिंह समझने की भूल नहीं करें।उन्होंने अभय सिंह चौटाला को चुनौती देते हए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है,तो जिस दिन वो तारीख़ बताकर सिरसा आयेंगे, उसी दिन चौटाला उन्हें मारकर दिखायें।

पिछले कई दशकों से ग़रीबों-वंचितों के लिए आवाज़ उठाते रहे है दलाल

दलाल ने कहा कि वो सदन में पांच बार के विधायक हैं और पिछले कई दशकों से ग़रीबों-वंचितों के लिए आवाज़ उठाते रहे है।चौटाला पर आरोप लगाते हुए कहा कि चौटाला उनकी इस आवाज़ को दबाना चाहते हैं, मगर जितना ही वो दबाने की कोशिश करेंगे,यह आवाज़ और मुखर होकर सामने आयेगी।

दलाल ने कहा कि ‘कलंकित’ शब्द सदन की मर्यादा के विरुद्ध नहीं है और इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल होता रहा है। मगर इस शब्द को ग़लत तरीक़े से हथियार बनाकर उन्हें सदन से एक साल के लिए निलम्बित कर दिया गया है।मगर उनका कहना है कि अब इस लड़ाई को वो अदालत और जनता के बीच ले जायेंगे। 

Post Author: VOF Media

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