तीन साल से चल रहीे थी वाईएमसीए का नाम बदलने की कवायद

सौरभ भारद्वाज
हरियाणा सरकार के तीन साल पूरा होने पर फरीदाबाद वाईएमसीए यूनिवर्सिटी आए प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने वाईएमसीए साइंस एंड टेक्रॉलॉजी यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर जगदीश चंद्र बसु (वाईएमसीए) साइंस एंड टेक्नॉलॉजी यूनिवर्सिटी करने की घोषणा की है।

हरियाणा  मेंसरकार बदलने के बाद से ही वाईएमसीए यूनिवर्सिटी का नाम बदलने की कवायद शुरू हो गई थी। वाईएमसीए के पूर्व छात्रों की एसोसिएशन- मीट ओल्ड बडीज (मॉब) की एक बैठक में वाईएमसीए यूनिवर्सिटी का नाम बदल कर अटल बिहारी वाजपेयी विज्ञान एवं तकनीकी विश्वविद्यालय किए जाने का प्रस्ताव रखा गया था। लेकिन तब वाईएमसीए के पूर्व छात्रों ने इसका नाम बदले जाने का विरोध किया था। बैठक में इस यूनिवर्सिटी के लिए एपीजे अब्दुल कलाम और सूरदास जैसे नाम भी सुझाए गए थे। पूर्व छात्रों का कहना था कि इंडो-जर्मन सहयोग से 1969 में शुरू हुए इंस्टिट्यूट ने शिक्षा का जो स्तर प्राप्त किया है उसके कारण जब यहां के छात्र अपने सीवी में वाईएमसीए लिखते हैं तो 90 प्रतिशत नौकरी तो तुरंत पक्की हो जाती है। नाम बदलने से ब्रैंड वाईएमसीए प्रभावित होगा।

क्या कहते हैं पूर्व छात्र

हालांकि मॉब के चेयरमैन और उद्योगपति राज भाटिया वाईएमसीए का नाम बदले जाने के फैसले पर कहते हैं कि इससे कोई विशेष फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि ब्रेकेट में वाईएमसीए लिखा जाएगा और कॉलेज का नाम पहले ही की तरह वाईएमसीए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग रहेगा।

वाईएमसीए के पूर्व छात्र राजीव वत्स के मुताबिक नाम बदलने की राजनीति की बजाय अगर इस यूनिवर्सिटी को दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज में शामिल करने के लिए सरकार विशेष फंड की कोई व्यवस्था करे तो सचमुच में छात्रों का भला होगा क्योंकि देश की कोई भी यूनिवर्सिटी दुनिया की टॉप 250 यूनिवर्सिटज में भी शामिल नहीं है।

वीओएफ का मत

नामकरण के झंझटों में पडऩे के बजाय सरकार काम पर फोकस करे और नए विश्वविद्यालयों की स्थापना करे ताकि उनके माध्यम से ज्यादा युवाओं को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा दी जा सके।

 

Post Author: SAURABH BHARDWAJ

मशहूर पत्रकार सौरभ भारद्वाज पिछले लगभग दो दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। हिंदुस्तान, दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स जैसे मीडिया संस्थानों में प्रतिष्ठित पदों पर काम करने के बाद श्री भारद्वाज अब वीओएफ मीडिया के समूह संपादक के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता श्री भारद्वाज अनेक सामाजिक संगठनों के साथ भी जुड़े हैं।

3 thoughts on “तीन साल से चल रहीे थी वाईएमसीए का नाम बदलने की कवायद

    S L Bhatia

    (October 27, 2017 - 4:26 pm)

    Aap ka future bright he. Kam large raho

    A.K.Sharma

    (October 28, 2017 - 10:05 am)

    Indian beurocrats & other learned lot should stop surrendering to the politicians who only see their vote bank. By changing (YMCA) name they are liquidating the reputed brand name of this institution. Renaming should not be done.

    Satish Kumar Fogaat

    (October 28, 2017 - 11:31 am)

    Suggestion given by Mr Saurabh Bhardwaj VOF regarding change or rename the University name is quite appropriate

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *