7 एकड़ से कमाते हैं 54 लाख रुपये सालाना !

मोदी जी सोनी जी से ऐसी ट्रेनिंग सब को दिलवाओ

सर्व हरियाणा बैंक का भगवान ही मालिक

सौरभ भारद्वाज
सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के चेयरमैन डॉ. एम.पी.सिंह का तबादला हो गया है। इस तबादले के साथ ही स्टाफ के अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर चनौरियों की तरह बांटे गए लोन जिनमें भ्रष्ट अधिकारियों ने लाखों का गोलमाल किया है के मामले भी सामने आने लगे हैं। सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के एक महा प्रबंधक बी.के.सिंह जो के्रडिट एडमिन डिपार्टमेंट और जीएडी विभाग के भी हेड हैं ने तत्कालीन चेयरमैन डॉ. एम.पी सिंह के साथ मिलकर श्रीमती बिमला देवी धर्म पत्नी श्री लाला राम वर्मा को दस करोड़ का एक लोन दिया ।

इस लोन को दिए जाने में जितनी अनियमितताओं की अनदेखी एमपी सिंह और बी.के.सिंह कर सकते थे उन्होंने की। इस लोन के लिए अपनी आय दिखाने हेतू प्रति एकड़ लगभग 8 लाख रुपया महीना की आय बताई गई है। अब कोई इन बैंक अधिकारियों से पूछे कि बाबा कौन ऐसा किसान है जो एक एकड़ से 8 लाख की आय प्राप्त करता है। क्या किसान अफीम उगाता है। एक एकड़ खेत से आठ लाख रुपये सालाना कमाना अगर देश के किसानों को आ जाए तो फिर देश में कोई किसान स्युसाइड न करे। इस लोन के लिए लगाई गई एप्लीकेशन में बहुत सारी अनियमितताएं पाई गईं तो इसकी शिकायत विभिन्न मंचों पर हुई लेकिन इसके बावजूद चांदी का जूता इतना ताकतवर था कि दोनों अधिकारियों ने यह लोन पास कर दिया।

पिछले 3 साल में पास हुये लोन और खरीद की जाँच हो

इस सिलसिले में जब वॉयस ऑफ फ्रीडम ने मुकेश जोशी चीफ कॉर्डिनेटर सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स ऑर्गनाइजेशन और गुडग़ांव ग्रामीण बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन से बात की तो उन्होंने ऐसे भ्रष्टाचार को सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में आम बताया। साथ ही यह मांग भी उठाई की एमपी सिंह के कार्यकाल में बीके सिंह द्वारा पास किए गए लोन और परचेंिजंग की पूरी जांच कराई जाए।

इस जांच से पता चलेगा कि सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक को ये लोग कैसे दीमक की तरह खा रहे थे। उन्होंने कहा कि जाते-जाते चेयरमैन महेदय ने अपने घर बैठ कर कुछ मामले डीएसी के कुछ ट्रांसफर्स, कुछ फर्जी बिलों का भुगतान किया था। इसका खुलासा अगले अंक में करेंगे। श्री जोशाी ने इसके साथ-साथ यह भी मांग की है कि करैंसी चेस्ट और 2012-13,2013-2014, 2014-2015 इस दौरान हुई भर्तियों की जांच की जाए।

जो अधिकारी छोटे लोनों के दौरान कोई मामूली गलती कर देते हैं उन्हें तो बैंक का यह प्रबंधन बड़ी सजाएं देता रहा है जैसे रिटारमेंट पर फंड रोक देना, इन्क्रीमेंट रोक देना, डिस्मिस कर देना, सीआरएस दे देना आदि लेकिन इस तरह के महा फ्रॉड करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं है। जिससे कर्मचारियों और अधिकारियों में रोश है।

Post Author: SAURABH BHARDWAJ

मशहूर पत्रकार सौरभ भारद्वाज पिछले लगभग दो दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। हिंदुस्तान, दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स जैसे मीडिया संस्थानों में प्रतिष्ठित पदों पर काम करने के बाद श्री भारद्वाज अब वीओएफ मीडिया के समूह संपादक के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता श्री भारद्वाज अनेक सामाजिक संगठनों के साथ भी जुड़े हैं।

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