अक्तूबर में आयोजित होगी ‘किसान-मजदूर’ पंचायत

मुख्यातिथि  पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा

फरीदाबाद :  आगामी 1 अक्तूबर को बल्लभगढ़ स्थित अनाज मण्डी में आयोजित होने वाली ‘किसान मजदूर’ पंचायत की तैयारियों को लेकर आज जिले के कांग्रेसियों ने सेक्टर-16 स्थित सर्किट हाऊस में पृथला विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन करके पार्टी नेताओं को उक्त किसान-मजदूर पंचायत को सफल बनाने के लिए जिम्मेदारियां सौंपी।

किसान मजदूर पंचायत में मुख्यातिथि के रुप में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा शिरकत करेंगे वहीं विशिष्ट अतिथि के रुप में रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा सहित पूर्व सांसद, विधायकों, पूर्व विधायकों सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। बैठक में मुख्य रुप से तिगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक ललित नागर, पूर्व मंत्री पं. शिवचरण लाल शर्मा, पूर्वमंत्री महेंद्र प्रताप के सुपुत्र विवेक प्रताप, पूर्व मुख्य संसदीय सचिव कुमारी शारदा राठौर के अनुज अजय राठौर, युवा कांग्रेस फरीदाबाद के अध्यक्ष तरुण तेवतिया, पूर्व चेयरमैन अब्दुल गफ्फार कुरैशी, पूर्व वरिष्ठ उपमहापौर मुकेश शर्मा, राजेंद्र भामला, पूर्व पार्षद जगन डागर, योगेश ढींगड़ा, योगेश ढींगड़ा, एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष कृष्ण अत्री, बंटी हुड्डा, राजू देशवाल, सूरजपाल भूरा, बिजेंद्र पाल मावी, कमल चंदीला आदि मुख्य रुप से मौजूद थे।

किसान-मजदूर की  दुर्दशा

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने फरीदाबाद में 24 सितंबर को किसान-मजदूर पंचायत के आयोजन की घोषणा की थी परंतु उस दिन गुडग़ांव में नगर निगम चुनाव होने के चलते आज कांग्रेसियों ने बैठक कर इस पंचायत के आयोजन की तिथि 1 अक्तूबर तय की है। बैठक को संबोधित करते कांग्रेसियों ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश के कोने-कोने में ‘किसान-मजदूर पंचायतों का आयोजन करके सही समय पर सही फैसला लिया है क्योंकि आज प्रदेश भर में किसान-मजदूर अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाने पर मजबूर है और भाजपा सरकार में किसान-मजदूर अपने हक-हकूक की लड़ाई के लिए सडक़ों पर आंदोलनरत है, लेकिन सरकार गहरी नींद में सोई हुई है।

चुनाव पूर्ण स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू कर किसान को लागत से चार गुना आर्थिक लाभ पहुंचाने का वायदा करने वाली भाजपा आज सत्तासीन होने के बाद किसानों का शोषण करने पर तुली है वहीं प्रदेश में मजदूरों की हालत भी बद से बदत्तर बनी हुई है। बैठक में भाजपा को पूर्ण रुप से किसान-मजदूर विरोधी करार देते हुए इस पंचायत की सफलता से भाजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरु होना तय है। उन्होंने दावा किया कि एक अक्तूबर को आयोजित होने वाली किसान-मजदूर पंचायत ऐतिहासिक होगी और इस पंचायत में हजारों लोग शिरकत करके प्रदेश की भाजपा सरकार के विरोध में संघर्ष का बिगुल फूंकेंगे।

 

Post Author: Veethika Bhardwaj

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