हैल्पलाईन  नंबर, यानि टांय-टांय फिस्स

नगर निगम उपायुक्त साईन ने  शहर को  स्वच्छ बनाने के लिए एक और मुहिम शुरू की है। अब देखना ये है की आखिर उनकी यह  मुहिम कहाँ तक सफल होती है। तकरीबन 14 लाख की जनसंख्या वाले फरीदाबाद जिले में लाखों की संख्या में सैप्टीकटैंक हैं। फरीदाबाद के लोग इन्हें खाली कराने के लिए रेनोवेट  सैप्टीक टैंको का सहारा लेते हैं, जो लोगों से मनमाने दाम वसूलते हैं।
प्राइवेट सैप्टीक टैंको को एसटीपी प्लांट में खाली करें
उपायुक्त मोहम्मद साईन ने कहा कि फरीदाबाद नगर निगम क्षेत्र में प्राइवेट सैप्टीक टैंको द्वारा लोगों के घरों के सैफ्टी टैंको को साफ करने का काम किया जा रहा है। इन सैप्टीक टैंको को कही भी खाली कर दिया जाता है, जिससे उस क्षेत्र में गन्दगी फैलती है। इससे  पानी गन्दा हो जाता है  और लोगों में बीमारियाँ फैलने का डर बना रहता है। उन्होंने बताया कि बादशाहपूर गाँव में नगर निगम द्वारा दो एसटीपी प्लांट  बनाए गए हैं। इनकी क्षमता 45 व 20 एम एल डी है, जो कि नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे हैं, जिसमें गन्दे पानी को साफ किया जाता है। इनमें सैप्टीक टैंक खाली करने पर मात्र 100 रूपये प्रति टैंक शुल्क लिया जाता है ।
उन्होंने आगे बताया कि नगर निगम द्वारा निर्माण  एवं र्विध्वस अपसिस्ट के  निपटान के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि नगर निगम क्षेत्र में मलबा इत्यादि उठाने के लिए हैल्प लाईन  नंबर 9599780982 पर मौके के फोटो ग्राफ  एवं जगह का विवरण दर्ज करवा कर नगर निगम को सूचित करें। इसके लिए 300 रूपये प्रति ट्राली शुल्क निर्धारित किया गया है । उन्होंने कहा कि किसी भी परिसर के आस पास सी&डी वेस्ट पाया जाता है तो  उसके खिलाफ नगर निगम  अधिनियम 1994 की धारा 273 के तहत तीन सौ रूपये जुर्माना वसूल किया जाएगा ।
नहीं उठाया हेल्पलाइन नंबर
जब वौइस ऑफ़ फरीदाबाद की टीम ने हैल्प लाईन  नंबर 9599780982  पर संपर्क करने की कोशिश की तो किसी से संपर्क स्थपित नही हो सका। ऐसी स्थिति में भला लोग कैसे गन्दगी से निजत पा सकेंगे। इसके किसी व्यक्ति को सारे शहर में गन्दगी नज़र आ रही है तो वो व्यक्ति वहां की फोटो और विवरण तो दे सकता है लेकिन हर जगह के लिए वो अपनी जेब से पैसा कैसे निकलेगा। वो व्यक्ति केवल अपने क्षेत्र के लिए ही पैसे दे सकता है।
उपायुक्त सबसे पहले सर्वे के माध्यम से जानकारी लेनी होगी की जिले में कितने सेप्टिक टैंक हैं। उसके बाद उन्हें रजिस्टर कर उन्हें जीपीएस से कनेक्ट करें ताकि उन्हें ट्रैक किया जा सके, तभी बनाए गए एसटीपी प्लांट तक सैप्टीक टैंक पहुंचेंगे और गंदे पानी स्वच्छ बनाया जा सकेगा और फरीदाबाद स्वच्छ होगा।
उपायुक्त ने  आगे बताया कि नगर निगम क्षेत्र में कूड़ा उठाने के लिए रैग पैकर चिन्हित कर दिए हैं। उन्हें नगर निगम द्वारा पंजीकृत करके पहचान पत्र भी जारी किए गए हैं। उन्हें कूड़े को अलग- अलग करने बारे जागरूक किया जा रहा है, ताकि कूड़े का सही तरीके से निस्तारण किया जा सके। कूड़ा उठाने वालों के बच्चों को उचित मार्ग दर्शन किया जाएगा।बच्चों को  एनजीओ के माध्यम से स्कूलों में दाखिला दिलवाया जाएगा ताकि उनका भविष्य  उज्ज्वल हो, लेकिन हेल्पलाइन नंबर की स्थिति ए लगता है की  फरीदाबाद के सफाई अभियान का भविष्य भी कहीं धूमिल न हो जाये।

Post Author: VOF Media

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