लोकसभा चुनावों को लेकर जिलाधिकारियों की बैठक

सी-विजिल एप  किया गया  शुरू

फरीदाबाद। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अतुल कुमार द्विवेदी ने आज लोकसभा चुनावों को लेकर एक बैठक रखी । इस बैठक में लोकसभा के सहायक निर्वाचन अधिकारी शामिल हुए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोक सभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर आम नागरिक भी अपनी शिकायत एप के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे।

निर्वाचन आयोग द्वारा आम नागरिकों के लिए भी चुनाव के संदर्भ में शिकायतें दर्ज करवाने के लिए सी-विजिल एप शुरू किया गया है। नागरिक इस एप पर अपनी पहचान को गुप्त रखकर भी चुनाव के संदर्भ में  फोटो या वीडियो अपलोड करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के 100 मिनट के अंदर संबंधित एआरओ को इसका निपटारा करना होगा।

उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से भी आम नागरिकों की सुविधा के लिए 1950 टोल फ्री हैल्पलाईन सेवा भी शुरू की गई है। जिस पर कोई भी नागरिक चुनाव से संबंधित जानकारी हासिल कर सकता है या अपने सुझाव  दे सकता है। स्थानीय लघु सचिवालय परिसर में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है।

चुनावी डयूटी में लगे सभी डयूटी मैजिस्ट्रेट तथा इंस्पेक्टिंग अधिकारियों के वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगा रहेगा ।  जिससे चुनावी डयूटी की मॉनिटिरिंग अतिरिक्त सजगता के साथ की जा सके ।

खास बात ये है कि  इस लोकसभा चुनाव में चुनाव आयोग की तरफ से प्रत्याशियों के लिए सुविधा ऐप शुरु की गई है। इस ऐप से प्रत्याशियों के लिए परमिशन, नोमिनेशन और काउंटिंग की सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जाएगी।  सुविधा एप के जरीए पारदर्शिता के साथ  प्रत्याशियों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के समय की बचत होगी ।

उन्होनें सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए हैं कि वे आदर्श चुनाव आचार संहिता का पालन हर हाल में करें।चुनाव आचार संहिता का उल्लघंन करने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोक सभा चुनाव को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा अनुरूप कराने के लिए तकनीकी रूप से भी अनेक कदम उठाए गए हैं।

आचार संहिता का पालन हो

द्विवेदी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 10 मार्च को आम चुनाव 2019 की घोषणा के साथ ही तुरंत प्रभाव से आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।  आदेशानुसार किसी भी राजनीतिक दल को किसी भी प्रकार की सभा, प्रदर्शन आदि की जिला प्रशासन से पूर्व अनुमति लेनी होगी। सभी दल अपनी प्रचार सामग्री को तुरंत हटवाएं । अन्यथा जिला प्रशासन द्वारा प्रचार सामग्री हटाने पर हुए व्यय को भी संबंधित उम्मीदवार के चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा।

राजनीतिक दलों की सुविधा के लिए आयोग द्वारा सुविधा एप शुरू की गई है। जिसके माध्यम से सभी प्रकार की अनुमति इस एप पर ऑनलाईन आवेदन करके प्राप्त की जा सकेंगी। इस एप पर प्राप्त आवेदन का ऑनलाईन ही निपटारा किया जाएगा।

उन्होनेंआग्रह किया कि राजनीतिक दल समाज में विभिन्न जाति, समुदायों व धार्मिक तनाव उत्पन्न करने वाली गतिविधियों में शामिल न हों ।  मतदाताओं को लुभाने के लिए किसी भी प्रकार की गतिविधियों में शामिल न हों। किसी धार्मिक स्थान से लोगों को अपने पक्ष में मत के लिए अपील न करें।

किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में चुनाव प्रचार से पूर्व उम्मीदवार से इसकी सहमति लें। व्यक्तिगत या सार्वजनिक ईमारतों का प्रयोग प्रचार के लिए न करें। किसी विपक्षी राजनैतिक दल की जनसभा या जुलुस में बाधा उत्पन्न न करें। इन हिदायतों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

 

 

Post Author: abha soni

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