प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर ठगी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर किसानो के साथ रिलायंस कंपनी द्वारा ठगी की गई है।सैंकड़ो किसानों की हजारों एकड़ फसल का हुआ था बीमा , जरूरत पड़ी तो रिलायंस कंपनी ने किसानों को ठेंगा दिखा दिया। पीडि़त किसान कोर्ट से लगाएंगे गुहार। करोड़ो के घोटाले की आशंका। विगत 6 महीने पहले बारिश के कारण किसानों की धान की फसल खऱाब हुई थी। जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कराया हुआ था उनकी खऱाब फसल की रिलायंस बीमा कंपनी द्वारा सर्वे कराया गया था। सर्वे के आधार पर किसानों को तकरीबन 6 हजार रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से कंपनी ने विभिन्न बैंकों के माध्यम से पीडि़त किसानों को चैक भेजे है लेकिन ये चैक कुछ ही किसानों को दिए गए। जब पीडि़त किसान बैंक अधिकारिओ से मिले तो बैंक वालों ने उन्हें रिलायंस कंपनी का फ़ोन नंबर दे दिया लेकिन कंपनी के इस नंबर पर किसानो को कोई जवाब नहीं मिल रहा है।
पीडि़त किसान कृष्ण और त्यागी नीरज त्यागी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानो के लिए मजाक बनकर रह गई है , पीडि़त किसानो के साथ बहुत बड़ा धोखा है। मोदी जी हमें भी यू पी जैसा योगी मुखयमंत्री दें, खट्टर से नहीं चल रही सरकार, अधिकारी बेलगाम है जिससे सरकार की छवि खऱाब हो रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानो के साथ बहुत बड़ा छल है, पीडि़त किसान कोर्ट जायेंगे। अधिकारी बेपरवाह और बेलगाम है। बीमा योजना के नाम पर किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर ठगी के शिकार होने वालों में गांव ददसिया किडावली,शेरपुर, ढाढऱ,लालपुर, महावतपुर , मौजाबाद, भसकौला,भूपानी, रिवाजपुर,टिकावली, बादशाहपुर और पलवली के सैंकड़ो किसानों की तेज अंधड़ के साथ आई बरसात के कारण धान की फसल खऱाब हो गई थी। अधिकांश किसानों ने बीमा कराये हुए थे। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत सभी किसानों का प्रीमियम उनके बैंक खाते से काटे गए। फसल खऱाब हुई तो रिलायंस कंपनी के अधिकारिओ ने खेतों पर स्वयं जाकर सर्वे किया और पीडि़त किसानों को मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया लेकिन जब मुआवजा देने की बारी आई तो मात्र कुछ किसानों को ही मुआवजा दिया गया। पीडि़त किसान कृषि विभाग के चक्कर काट रहे है उन्होंने रिलायंस कंपनी वालों से बात करने के लिए कहकर किसानो को टरका देते है रिलायंस कंपनी वाले पीडि़त किसानों का फोन नहीं उठाते बेचारे किसान अब इस धोखा धड़ी के खिलाफ कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे है।
पीडि़त किसानों में सुरेंदर , कृष्ण त्यागी, नीरज त्यागी,महावीर, नरेंद्र ,शिवनारायण सोमदत्त,तुलसीदास,सुभाष,सतीश,दुष्यंत, सुगनचंद,चंदरपाल सहित सैंकड़ों किसान शामिल है।

Post Author: Deepa Mishra

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