गठबंधन के बाद साझा रैलियां कर वोटरों रिझाने की होगी कोशिश

तीनों दलों के शीर्ष नेता करेंगे 11 रैलियां

लोकसभा चुनाव में गठबंधन के बाद अब सपा और बसपा प्रमुख साझा रैलियां कर वोटरों में रिझाने की कोशिश करे ।  उत्तर प्रदेश में सपा, बसपा और राष्ट्रीय लोक दल के बीच गठबंधन हुआ है। ऐसे में अखिलेश यादव, मायावती और अजित सिंह मिलकर सूबे में 11 रैलियां करेंगे। गठबंधन इन साझा रैलियों के जरिए एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है।

सपा के राष्ट्रीय सचिव और प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने बताया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा प्रमुख मायावती और आरएलडी प्रमुख चौधरी अजित सिंह की संयुक्त रैलियों का सिलसिला नवरात्र के शुभ दिनों में 7 अप्रैल से शुरू होकर 16 मई तक चलेगा । इस दौरान तीनों दलों के शीर्ष नेता 11 रैलियां करेंगे। प्रचार सामग्री और झंडे में इन दलों के नेताओं की फोटो, चुनाव चिह्न संयुक्त रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश में महागठबंधन के साथ सपा, बसपा और आरएलडी के शीर्ष नेता अप्रैल के पहले सप्ताह से ताबड़तोड़ संयुक्त रैलियां कर अपने-अपने कार्यकर्ताओं को केंद्र और यूपी में सत्ताधारी बीजेपी के खिलाफ एकजुटता का संदेश देंगे। चौधरी ने बताया कि लोकसभा चुनाव में गठबंधन ने अपने प्रत्याशियों की जीत और भाजपा की बेदखली सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त रैलियां करने का फैसला लिया है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त रैलियों से यह संदेश जाएगा कि गठबंधन में शामिल दलों के कार्यकर्ता एकजुट हैं । वे बीजेपी के ’मुमकिन’ को अपनी कोशिशों से ’नामुमकिन’ में बदलने को तैयार हैं। चौधरी ने बताया कि पहली रैली 7 अप्रैल को देवबंद में होगी। इस संयुक्त रैली में सहारनपुर, कैराना, बिजनौर और मुजफ्फरनगर संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ता शामिल होंगे । जबकि 13 अप्रैल की रैली बदायूं लोकसभा क्षेत्र में होगी।

गठबंधन की अंतिम रैली 16 मई को वाराणसी में होगी. यह रैली संयुक्त रूप से वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर और रॉबर्ट्सगंज लोकसभा सीटों के लिए होगी। उन्होंने कहा कि तीनों दलों के कार्यकर्ता, पदाधिकारी, विधायक, सांसद सभी समन्वय के साथ चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। चौधरी ने कहा कि गठबंधन का लक्ष्य संविधान की रक्षा के लिए केंद्र में बीजेपी को हराना है।

Post Author: abha soni

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