अफसरों के बजाय ग्राहकों पर ही कर दी एफआईआर

मारे भंडाफोड़ पर हुई जांच शुरू

सौरभ भारद्वाज

चंडीगढ़ : सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में सीसी लिमिट बढ़ा कर व पर्सनल लोन के माध्यम से 1.84 करोड़ रुपये के लगभग फर्जी बैंक लोन की खबर हमने प्रमुखता से प्रकाशित की थी। उसके बाद 8 नवंबर 2018 में एक एफआईआर नंबर 1131 थाना सदर हिसार में कराई गई।

मजेदार बात यह कि बैंक के चीफ मैनेजर एसडी पुरी और तीन ग्राहकों अजय कुमार, अतुल कुमार व सुनील कुमार के नाम से हुई। इस मामले में सभी छोटे कर्मचारियों को शोकॉज नोटिस दे दिया गया है और चार्जशीट करने की तैयारी है। दूसरी ओर इसी मामले में एसडीपुरी की अग्रिम जमानत सत्र न्यायालय हिसार और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ से खारिज हो गई। इतना बड़ा घोटाला बिना आला अधिकारियों की मिलीभगत के संभव ही नहीं था। इस घोटाले की सही जांच हो तो यह घोटाला कई गुणा ज्यादा रकम का मिल सकता है और कई आला अधिकारी इस मामले में संलिप्त पाए जा सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक एसडी पुरी ने हूडा का एक प्लॉट किश्तों में ले रखा था और हूडा से उसकी कनवेंस डीड नहीं थी। पुरी ने उस प्लॉट पर एक हाउस लोन लिया और अवैध रूप से सिंपल रजिस्टर मॉरगेज कर दिया जो कि हूडा प्लॉट के साथ नहीं हो सकता। इसी तरह से एक एजुकेशन लोन पुरी ने अपनी लड़की के नाम से सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक की बरवाला ब्रांच से कराया। जबकि 25 किमी के एरिया के बाद यह लोन नहीं हो सकता था। बरवाला हिसार से 30 किलोमीटर दूर है। जबकि हिसार और हिसार के आसपास सर्व हरियाणा बैंक की कई ब्रांचें हैं। यह भी मामला भी शंका पैदा करता है।

 

परचेज की एनक्वारी भी 2013 से हो : मुकेश जोशी

सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स ऑर्गनाइजेशन और गुडग़ांव ग्रामीण बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन्स के चीफ कॉर्डिनेटर मुकेश जोशी  के मुताबिक हर साल इंस्पेक्शन होती है। लोन स्टेटमेंट हैडऑफिस में जाती है। कैश के लेन देन की स्टेटमैंट हैडऑफिस जाती है। फिर क्या कारण था कि आला अधिकारी इस मामले में अनभिज्ञ रहे।

जब इंस्पेक्शन में यह मामला पकड़ा गया उस समय इस पर कार्रवाई हो जाती तो यह फ्रॉड नहीं होता। भारत के अंदर चोरी करने वाला और चोरी का माल बेचने, रखने और खरीदने वाला चारों बराबर के गुनाहकार होते हैं। इसीलिए मैं सीवीसी, सीवीओ, सीबीआई, सीएमडी पीएनबी से मांग करता हूं कि मामल की ग्राहकों के साथ ही पूर्व चेयरमैन प्रवीन जैन, पूर्व महा प्रबंधक फकीर चंद सिंघला, पूर्व चेयरमैन डॉ. एमपी सिंह, ऑडिट डिपार्टमेंट के महाप्रबंधक राजेश गोयल और लोन डिपार्टमेंट के महा प्रबंधक बी.के.सिंह के खिलाफ भी एफआइआर होनी चाहिए और निर्दोश कर्मचारियों को न्याय दिलाया जाए। परचेज की एनक्वारी भी 2013 से हो ताकि घोटाले सामने आ सकें।

Post Author: SAURABH BHARDWAJ

मशहूर पत्रकार सौरभ भारद्वाज पिछले लगभग दो दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। हिंदुस्तान, दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स जैसे मीडिया संस्थानों में प्रतिष्ठित पदों पर काम करने के बाद श्री भारद्वाज अब वीओएफ मीडिया के समूह संपादक के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता श्री भारद्वाज अनेक सामाजिक संगठनों के साथ भी जुड़े हैं।

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