फर्जी हाजिरी लगाकर ले ली वकालत की डिग्री

बैंक को लगाया लाखों का चूना

सौरभ भारद्वाज
चंडीगढ़ ।। सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के एक ऐसे अधिकारी का मामला सामने आया जिसने फर्जी तरीके से बैंक की आंखों में धूल झोंक कर लगातार तीन साल तक वकालत की नियमित पढ़ाई पढ़ी। इस दौरान यह व्यक्ति खुद को बैंक में भी दिखाता रहा और बाकायदा बैंक से तनख्वाह लेता रहा। मजेदार यह कि इसने अपनी वकालत की डिग्री को अपनी सर्विस बुक में भी चढ़वा लिया और इससे होने वाले फायदे भी उठाता रहा। यह मामला जब बैंक प्रबंधन के संज्ञान में लाया गया तो भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे अफसरों ने मामले को दबा दिया। फिलहाल यह मामला नई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के संज्ञान में लाया गया है ताकि भ्रष्ट अधिकारी और प्रबंधन पर कार्रवाई हो सके।
भारतीय मजदूर संघ के मंत्री व वित्त प्रभारी हरियाणा पद्म सिंह तंवर ने केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में इस मामले को उठाया है। आपके इस लोकप्रिय न्यूज पोर्टल वॉयस ऑफ फ्रीडम के माध्यम से हम इस मामले को लगभग एक साल पहले ही उजागर कर चुके हैं। लेकिन सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के भ्रष्ट प्रबंधन के साथ मिली भगत कर इस अधिकारी ने यह मामला दबवा दिया। एक बार फिर श्री तंवर के पत्र के बाद मामला सुर्खियों में है।

क्या है मामला

मुरलीधर अरोड़ा चीफ मैनेजर सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक वर्ष 1997 से 2000 के दौरान हरियाणा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखा धनाना जिला भिवानी में अधिकारी के रूप में नियुक्तथा उसने बाबा मुंगीपा लॉ कॉलेज पिलानी, राजस्थान में एडमिशन ले लिया। इस कॉलेज की दूरी धनाना से लगभग 125 किलोमीटर है। पद्म सिंह तंवर के पत्र के मुताबिक ये कक्षाएं नियमित और दिन के समय आयोजित होती थीं। ऐसे में वर्ष 1997 से 2000 तक जब साधन भी सीमित थे तब कोई व्यक्ति कैसे एक ही समय में दोनों जगहों पर उपस्थित हो कर नौकरी और पढ़ाई कर सकता है।

नौकरी या पढ़ाई

स्पष्ट है कि किसी एक जगह पर मुरलीधर अरोड़ा उपस्थित नहीं था। अगर वह नौकरी पर उपस्थित नहीं था तो तीन साल की तनख्वाह उसे क्यों मिली और अगर वह लॉ कॉलेज की नियमित कक्षाओं में उपस्थित नहीं था तो उसे वकालत की डिग्री क्यों मिली। यह डिग्री फर्जी है जिसके आधार पर उसने अपनी नौकरी में लाभ प्राप्त किया है। फर्जी डिग्री के इस मामले में पुलिस कार्रवाई करे और मुरलीधर अरोड़ा के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मुकदमा दर्ज हो। प्रबंधन ने भी इस मामले में लीपापोती की है। ऐसे में दोषी अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई हो। ऐसे ही एक मामले में चरखी दादरी में एक अध्यापिका की फर्जी हाजिरी लगाने वाले बीईईओ सहित सात लोगों के खिलाफ मुकादमा दर्ज हो चुका है। इस अध्यापिका ने महज एक सप्ताह की फर्जी हाजिरी लगाई थी।

बैंक में नौकरी करते थे या पढ़ते थे वकालत

Post Author: SAURABH BHARDWAJ

मशहूर पत्रकार सौरभ भारद्वाज पिछले लगभग दो दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। हिंदुस्तान, दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स जैसे मीडिया संस्थानों में प्रतिष्ठित पदों पर काम करने के बाद श्री भारद्वाज अब वीओएफ मीडिया के समूह संपादक के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता श्री भारद्वाज अनेक सामाजिक संगठनों के साथ भी जुड़े हैं।

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