चोरी किया माल लौटाया, मामला खत्म

सौरभ भारद्वाज
चंडीगढ़ । सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में लूट लगातार जारी है। जो अधिकारी माल लूट रहे हैं अगर वो पकड़े जाते हैं तो लूट का माल वापस करते ही उनके सब गुनाह माफ हो जाते हैं। आज हम इस खबर के साथ आपको दिखा रहे हैं एसजीएम नगर, फरीदाबाद स्थित सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक में लगे कैमरे की फुटेज जिसमें बैंक का एक अधिकारी अनिल जैन बैंक से डाक्यूमेंट्स चोरी करते हुए दिखाई देता है। इस मामले की शिकायत इंस्पेक्शन एंड ऑडिट डिपार्टमेंट के जीएम राजेश गोयल को की गई जिस पर अनिल जैन के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई और बात को रफा-दफा कर दिया जो कि गैर कानूनी है। इस अधिकारी की कई कम्प्लेंट पहले भी हो चुकी थीं। जिस में इसके सभी कारनामों की भी पूरी जानकारी थी। वे भी ऐसे ही खुर्द-बुर्द कर दी गईं। इस अधिकारी की रिटायरमेंट के समय पांच लोन सीजीटी एमएससी के तहत टाइम पर एनपीए न करने की वजह से। बैंक सरकार से लगभग साढ़े अठारह लाख का क्लेम नहीं ले पाया था। बैंक के तत्कालीन चेयरमैन डॉ. एम.पी.सिंह और वर्तमान जीएम राजेश गोयल व डीएसी के चीफ मैनेजर एमडी अरोड़ा इन तीनों ने मिलकर साढ़े अठारह लाख की बजाय सिर्फ सात लाख की एफडी करवा कर मामला रफा-दफा कर दिया। यह कोई एकमात्र मामला नहीं है।

 

बैंक का ही एक अधिकारी एसडी पुरी जो कि फ्रॉड के मामले में जेल में बंद है, उसके पर्सनल लोन जो बैंक ने दे रखे थे उनमें भी बहुत सारी अनियमितताएं थीं। जिन अधिकारियों ने अनियमितताएं बरती थीं, उन्हें भी शो कॉज या चार्ज शीट होना चाहिए थे, लेकिन सिर्फ पर्सनल लोन का पैसा भरवाकर उन अधिकारियों को भी छोड़ा जा रहा है। इसी तरह से ई रिकवरी व ईएमडी में हेरा-फेरी करने वाले कर्मचारियों को भी पैसे भरवाकर छोड़ा जा रहा है।

1. ईएमडी में बैंक का करोड़ों रुपया फंसा होना
2. रिकवरी एजेंसी को कमीशन ज्यादा देना

यहां तक कि अपने बचाव के लिए ये बोर्ड मीटिंग के मिनिट्स तक भी चेंज हो जाते हैं। १८ अगस्त 2015 के पत्र के अनुसार डीपीसी नहीं बनी थी। लेकिन 20 अगस्त 2015 को लिखे गए मिनिट्स में डीपीसी बन जाती है। जिसका प्रमाण इस खबर के साथ संलग्न है। जगाधरी में पकड़े गए फ्रॉड लोन्स पर भी कुछ नहीं किया गया। बताया जाता है कि राजेश गोयल के ऐसे कार्यों को दबाने के लिए उनके दो डीजीएम पीएनबी हेडऑफिस में उसका बचाव कर रहे हैं।

ताजा मामले में अमित टंडन मैनेजर सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक अंबाला ने एक फ्रॉड होमलोन किया था जिसका रिकवरेबल अमाउंट लगभग 45 लाख है उसको भी चेयरमैन श्री ए.के.नंदा ने सिर्फ एक इनक्रीमेंट रोक कर छोड़ दिया जो कि नियम विरूद्ध है।

प्रवीण जैन के मामले में भी हुआ था ऐसा ही गोलमल

तत्कालीन चेयरमैन सर्वहरियाणा ग्रामीण बैंंक प्रवीण जैन ने स्केल थ्री से स्केल फोर के प्रमोशन करने के लिए वित्त मंत्रालय भारत सरकार के नियमों को भी ताक पर रख दिया था और उन्हें बदल कर पदोन्नतियां दी। इस मामले में ज्यादातर वे कर्मचारी जो ईएमडी के मामले में चार्जशीट होने चाहिए थे उन्हें प्रमोशन दे दी गई। पीएनबी ने आगे से ऐसा न करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया। जबकि ऐसे ही एक मामले में पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार ओम प्रकाश  चौटाला और उनके पुत्र अजय चौटाला जेल में हैं।

 

 

 

अगर छोटे कर्मचारियों से कुछ छोटी-मोटी गलतियां काम करते समय हो जाती हैं, जिनसे बैंक को कोई आर्थिक नुकसान नहीं भी होता तो भी उनको बैंक से रिमूवल या डिस्मिस कर दिया जाता है। उनकी आठ-दस इनक्रीमेंट रोक दी जाती हैं। और अपने चाहने वालों का ये पूरा बचाव कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि डीएसी के पिछले पांच साल के तमाम मामलों को रिव्यू कराया जाए और दोषियों को सजा दी जाए।

मुकेश जोशी,
चीफ कॉर्डिनेटर
सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स ऑर्गनाइजेशन
एंड
गुडग़ांव ग्रामीण बैंक वकर्स ऑर्गनाइजेशन

 

 

 

Post Author: VOF Media

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