निजी मुकदमों को झेलने के लिए बैंक अफसरों ने खर्चा बैंक का पैसा

डी पैनल्ड वकील को कर दिया बैंक से भुगतान

सौरभ भारद्वाज

चंडीगढ़। लगातार घोटालों और भ्रष्टाचार का आरोप झेल रहे सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के अफसरों का एक और कारनामा सामने आया है। इन अधिकारियों ने अपने लोगों पर लगे आरोपों के खिलाफ अदालत में मुकदमा लडऩे के लिए बैंक के खर्चे पर फरीदाबाद के मशहूर वकील को हायर किया मजेदार बात यह है कि एडवोकेट श्री एम एस यादव को बैंक ने ही वर्ष 2017 में डी पैनल कर दिया था।
बैंक के ही एक पूर्व अधिकारी मुकेश जोशी ने बैंक के पूर्व चेयरमैन पी.के.जैन, डॉ. एमपी सिंह, पूर्व जीएम फकीर चंद सिंघल, बीके सिंह और एक चीफ मैनेजर एसडी पुरी को नामजद करके मुकदमा संख्या सीआरआर/614/18 के तहत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राजेश मल्होत्रा की अदालत में डाला हुआ है। जबकि निजी हैयिसत से लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की पैरवी के लिए वकील को फीस निजी खर्चे से दी जानी चाहिए।

मजेदार यह है कि वकील महोदय को डीपैनल करने वाले विभाग के मुखिया स्वयं महाप्रबंधक राजेश गोयल है और उन्होंने तमाम नियमों को ताक पर कर फरीदाबाद में पैनल्ड वकील होते हुए भी डी पैनल्ड वकील की सेवाएं लीं। मतलब डबल गलती हुई। बहरहाल बैंक की ओर से इस मामले की पैरवी के लिए वकील महोदय को लगभग 85 हजार का भुगतान किया गया है। जबकि यह भुगतान आरोपियों की जेब से होना चाहिए था। लेकिन वर्तमान चेयरमैन ए.के.नंदा इस पूरे मामले में मौन हैं।

Post Author: VOF Media

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