बैंक अधिकारियों ने ठग लिए किसान

सौरभ भारद्वाज।।

सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के गोरखधंधे जारी हैं। इस कड़ी में बारी है किसानों की । आज के इस अंक में हम आपको बताएंगे कि कैसे बैंक के अधिकारयों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए किसानों को ठग लिया। किसानों को उनकी जमीन के अनुसार खेती बाड़ी करने के लिए सरकार की एक योजना के तहत किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाते हैं।

ये क्रेडिट कार्ड किसानों को सूदखोरों से बचाने और उनकी कृषि संबंधी तात्कालिक आर्थिक जरूरतों को तुरंत पूरा करने के उद्देश्य से बनाए जाते हैं। लेकिन ततकालीन चेयरमैन प्रवीन जैन और महाप्रबंधक एफसी सिंघला ने अपने स्वार्थ के लिए एक प्राइवेट बीमा कंपनी बजाज एलांइस के साथ सांठ-गांठ करके किसानों का जीवन बीमा कर दिया और भुगतान कर दिया किया उन किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड से यह पूरी तरह से बैंक के नियमों के खिलाफ है और ग्राहकों के साथ पेशागत धोखाधड़ी है।

जीवन बीमा प्रीमियम किसान क्रेडिट कार्ड से काट लिया

यह घटना है 2012 की। बैंक ने बीमा का प्रीमियम किसान क्रेडिट कार्ड से काट लिया। बैंक के लगभग 80 फीसदी किसानों को यह चूना लगाया गया। हम एलआईसी के किसी एजेंट से अपनी एलआईसी कराते हैं तो एजेंट हमें पहली किश्त का लगभग 40 फीसदी रुपये तक वापस कर देता है। अब आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं कि इस मामले में कितना बड़ा गोलमाल हुआ होगा। पैसे के साथ-साथ इस षडयंत्र में शामिल अफसरों को थाईलैंड विजिट कराया गया। इसकी एक कंप्लेंट 2012 में पंजाब नैशनल विजलेंस से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक सभी को हुई।

लीपा-पोती हुई

बैंक अधिकारियों की यूनियन ने 2014 में बाकायदा इस मामले में बैंक प्रबंधन को नोटिस भेजा। फिर जांच शुरू हुई तो मुख्यमंत्री उडऩ दस्ते के समक्ष इस मामले में लीपा-पोती हुई। अपने चुनिंदा लोगों से बयान करा कर उस मामले को पूरी तरह से दबाने की कोशिश की गई। प्रभावित किसानों तक जांच अधिकारियों को नहींं पहुंचने दिया गया। अपने पंसंदीदा लोगों को बुला कर बयान दिलवा दिए गए। विजलेंस ने अपनी जांच में पाया कि बैंक अफसरों का थाईलैंड ट्रिप बजाज एलायंस द्वारा प्रायोजित था।

अगर किसानों तक जाते तो इसका कुछ और ही नतीजा निकलता। दूसरी तरफ पंजाब नेशनल बैंक की जांच तो दबाब में आकर बंद कर दी गई। जबकि इनकों मामले की पूरी जानकारी थी कि इस मामले में क्या गोलमाल है।
इस पूरी घटना का नुकसान यह हुआ कि यह पैसा चूंकि किसानों ने अपने मन से खर्च नहीं किया था इसलिए उन्होंने इसे लौटाने से इनकार दिया और किसानों को बैंक ने एनपीए घोषित कर दिया।

सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स ऑर्गनाइजेशन और गुडग़ांव ग्रामीण बैंक वर्कर्स ऑर्गनाइजेशन्स के चीफ कॉर्डिनेटर मुकेश जोशी   के अनुसार कि यह किसानों क ेसाथ अन्याय है और इस तरीके से जो भी एलआईसी की गई है। कुछ छोटे व्यापारियों का जो जबर्दस्ती बीमा किय गया था वह गलत है और इस
िश्कायत की जांच पुन: सीबीआई जैसी निश्पक्ष जांच एजेंसी के माध्यम से कराई जाए। हमारी मांग 2012 से अब तक हुई परचेज की भी विजलेंस जांच कराने की है।

Post Author: SAURABH BHARDWAJ

मशहूर पत्रकार सौरभ भारद्वाज पिछले लगभग दो दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। हिंदुस्तान, दैनिक जागरण, नवभारत टाइम्स जैसे मीडिया संस्थानों में प्रतिष्ठित पदों पर काम करने के बाद श्री भारद्वाज अब वीओएफ मीडिया के समूह संपादक के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता श्री भारद्वाज अनेक सामाजिक संगठनों के साथ भी जुड़े हैं।

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